जो बचपन में किताबों में पढ़ाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए।।
महापुरुषों की भूमि जिसे , ऋषिमुनियों का देश बताया ाता था,
मुझे वो हिंदुस्तान चाहिए ।।
नहीं चाहिए ये ऊँची इमारतें ये बड़े बड़े मकान तुम्हारे ,
जहाँ लोगों को दिल में बसाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
दो जिस्मों का खेल बनकर रह गयी मुहोब्बत यहाँ ,
जहाँ गोपियों संग रास रचाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
दो गज़ ज़मीन खातिर बँट जाते है परिवार यहाँ ,
जहाँ भाई संग भाई बनवास जाया करता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
हिंदी अंग्रेजी दो पाटों में पीस रहा ये देश यहाँ ,
जहाँ माँ बोली को धर्म बताया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
आज अपनों से अपनी आबरू का डर नारी को यहाँ ,
जहाँ नारी को देवी बनाके पूजा जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
गुरु शिष्य की क्या बात करूँ आज इस कलयुग में ,
जहाँ एकलव्य जैसा शिष्य और द्रोणा जैसा गुरु पाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
राम कृष्ण की क्या बात कहूं वो तो चलो भगवन है ,
जहाँ गौ और गंगा माँ को पूजा जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
किसी मज़हब की बात करना मुझे गवारा नहीं पर ,
जहाँ ईद दिवाली को मिलकर मनाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
माना के सोच , रीती रिवाज़ सब बदल गए "चौहान" वक़्त के साथ ,
जहाँ "भारत माता की जय" से सारा विश्व गूंज जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
जो बचपन में किताबों में पढ़ाया जाता था ,
मुझे वो हिन्दुस्तान चाहिए ।।
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ

Wah kya baat ... supper.. meet it up
ReplyDeleteBahut khoob kya bat hai.
ReplyDeleteThanks
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