कभी सोचा है ये तूने मैं ना रहा तो ,
तुमसे यूँ मुहोब्बत करेगा कौन
खुद के जिस्म की बना के रूह तुमको ,
तुमसे यूँ चाहत करेगा कौन ??
कौन करेगा यूँ हरपल फ़िक्र तेरी ,
तेरे लिए नींदें खराब अपनी करेगा कौन ??
कौन करेगा सजदे दर-दर तेरी ख़ातिर,
तुझे पाने की हसरत फिर करेगा कौन ??
कौन करेगा हद्द से ज़्यादा इश्क़ तुम्हे मेरे बाद ,
तुझे खुदा बना के तेरी इब्बादत करेगा कौन ??
कर बेपरवाही लाख "चौहान " से मगर याद रखना ,
मेरे बाद तेरे गमो से अपना दामन फिर भरेगा कौन ??
शुभम सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ

No comments:
Post a Comment