Thursday, 15 June 2017

"कोशिश तुझे भुलाने की" (KOSHISH TUJHE BHULANE KI)

इस साल तुझे हम याद नही रखेंगें,
कोशिशें तुझे भुलाने की बार बार रखेंगे।।

फिर तुम इसे हमारी नफ़रत समझो या बेपरवाही,
अपने जहन में तुम्हारे ख़्यालात नही रखेंगे।।

टूटती है तो टूट के बिखर जाएं माला मेरे सपनों की,
पर तुझसे जुड़े अब कोई भी ख़्वाब नही रखेंगे।।

ले आएंगे चहरे पर मुस्कान भले झूठी क्यों ना हो,
ओर तेरी यादों की उदासी अब अपने साथ नही रखेंगे।।

लाख बहाती रहे ये आँखे पानी परवाह नही,
अश्क़ पोछने को तेरा दिया रूमाल नही रखेंगे।।

जीना चाहती थी तुम मेरे बिन आज जी लो जी भर के,
हम भी पास तेरे प्यार की कोई सौंगात नही रखेंगें।।

ढूंढ लेंगे कोई और लिखने की वजह या लिखना छोड़ देंगे,
"चौहान" तेरे प्यार में कभी अब ऐसे हालात नही रखेंगे।।

नही कर पाए अगर अमल अपनी इन बातों परतों कोई बात नही,
फिर अगले साल हम जहन में कुछ ऐसे हालात रखेंगे।।

शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।


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