मिलकर जुदा हो जायेंगे , ऐसे ना सोचा करो,
हम तुमको भूल जाएंगे, ऐसे ना सोचा करो।।
अभी बातें बहुत है कहने को, दिल के कुछ राज़ है,
हम तुमसे कुछ छुपायेंगे , ऐसे ना सोचा करो।।
ये साँसें रुकने लगी,जब तुम दूर जो एक पल हुए,
हम तुम बिन जी पाएंगे, ऐसे ना सोचा करो।।
मुहोब्बत तुमसे है मेरी रूह की ,जिस्मो की नहीं,
तुझे छोड़ किसी और को चाहेंगे, ऐसे ना सोचा करो।।
लड़ना,झगड़ना, रूठना,बिगड़ना बस एक शरारत है,
हम वादों से मुकर जायेंगे , ऐसे ना सोचा करो।।
यूँ दिन रात जाग कर गुज़री है ये फिक्र है तेरी,
तुम्हे कभी अनदेखा कर जाएंगे,ऐसे ना सोचा करो।।
"चौहान" के तो हर नज़्म हर गीत में बसी हो तुम,
तेरा ज़िक्र हम ज़ुबाँ पर ना लाएंगे, ऐसा ना सोचा करो।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

No words to say.... 👌👌👌😘😘😘😘😘😘💑💑
ReplyDeletethankyou so much 😘😘😘😘😘😍😍😍😍😍
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