कोई हैरत ना करना तुम,
मैं अगर अब लिखना छोड़ दूँ तो।।
तुम युहीं हँसते मुस्कुराते रहना,
मैं अगर अब हँसना छोड़ भी दूँ तो।।
तुम युहीं खुद का ख़्याल रखना,
मैं अगर अब खुद की फिक्र छोड़ दूँ तो।।
तुम युहीं नींदों से यारी रखना,
मैं अगर अब ख़्वाबों में आना छोड़ दूँ तो।।
तुम इस मुहोब्बत से मुकर जाना,
मैं अगर अब हाल-ए-दिल बताना छोड़ दूँ तो।।
तुम सबसे युहीं अपनापन जताना,
मैं अगर अब सबसे नाते तोड़ दूँ तो।।
तुम खुद को खुद ही संभाले रखना,
मैं अगर अब जीना ही छोड़ दूँ तो।।
दो फूल हाथों में ले मेरी कब्र पर मत आना,
मैं अगर अब ये दुनिया ही छोड़ दूँ तो।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम -दिल की ज़ुबाँ।।

Maar dunga bakwas k to .....
ReplyDeleteKya bakwas ????
DeleteKya baat hai
ReplyDeletePtanhi 🤣🤣🤣
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