Friday, 6 March 2020

"मीरा" (MEERA)


कृष्ण राधा की कहानी हर कोई जानता है,
कोई अब मीरा की दास्ताँ सुनाये तो जानूँ।।

माना नाम जुड़ता है कृष्ण संग राधा का,
कोई मीरा सी मुहोब्बत करके दिखाए तो जानूँ।।

कोई तुम्हारा और तुम उसके ये तो आम बात है,
जो मिल ना सके कोई उसका होकर दिखाए तो जानूँ।।

यूँ दिन रात बातें करके तो इश्क़ कोई भी करले,
बिन बातों के जज़्बात ज़िंदा रख के दिखाए तो जानूँ।।

हाल पूछ कर तो हर कोई चला जाता है "चौहान",
कोई तेरे हाल में खुद को डूबा कर दिखाए तो जानूँ।।

जिसे मिला उनका मुकम्मल हो खत्म हो गया,
कोई अधूरा होकर भी क़ामिल होकर दिखाए तो जानूँ।।

यूँ जिस्मों के मेल में तो मुहोब्बत भी कहाँ जरूरी है,
कोई रूह से रूह का होकर दिखाए तो जानूँ।।

शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

7 comments:

  1. Nice one bhai💓💓💓

    यूँ दिन रात बातें करके तो इश्क़ कोई भी करले,
    बिन बातों के जज़्बात ज़िंदा रख के दिखाए तो जानूँ।।

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  2. Nice lines bro ������

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