"एक किस्सा "बयाँ करूंगा ..
इश्क़ में हालातों का ,
गुज़री तन्हा रातों का ...
"एक किस्सा "बयाँ करूंगा ..
तन्हा उन काली रातों का ,
पल पल साथ तेरी उन यादों का ,
जो होती थी कभी उन हसीं मुलाक़ातों का,
"एक किस्सा "बयाँ करूंगा ..
ख़त में लिखे हुए उन जज़्बातों का,
रात भर जाग कर की जो उन बातों का ,
तुझे लेकर जहन में रहते उन खयालातों का,
"एक किस्सा "बयाँ करूंगा ..
इश्क़ में मिली बेवफाइयों का ,
पल पल बढ़ती हुयी रुस्वाइयों का ,
"चौहान" से की तूने उन बेपरवाहियों का ,
"एक किस्सा "बयाँ करूंगा ..
शुभम सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ

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