पत्ते सूखे नही थे ,टहनी ,जड़े भी मज़बूत थी,
मैं गिरा नही मुझे वक़्त से पहले काटा गया है।।
कोई तराजू तोल नही था मेरे लिए रिश्तों का,
मुझे रिश्तों का वास्ता दे रिश्तों में बाँटा गया है।।
ऐसा नही है के बस काँटे ही रहे हो दामन में मेरे,
साज़िश थी फूलों को छोड़ काटों को छाँटा गया है।।
अब कहाँ किससे फरियाद करूँ बेगुनाही की अपनी,
मुझे हर चौंखट से फटकारा , दुत्कारा, डाँटा गया है।।
दिखा कर रौशनी मुझे पल भर को बेहिसाब "चौहान",
अंधेरे के इस काले जाल में मेरी रूह को आँटा गया है।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

Nice
ReplyDeleteThanks 😍😍
DeleteAmazing lines
ReplyDeleteThanks 😍😍
DeleteHye haye Bhai ... Kill heart lines❤️❤️❤️😍😍
ReplyDeleteThanks bro 😘😘😍😍
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