Thursday, 22 August 2019

"राधे मोहन" (RADHE MOHAN)


टूटी बांसुरी की कहानी कौन जानता है,
मुहोब्बत क्या है बस वही पहचानता है,
कृष्ण , मोहन, कान्हा , ना जाने कितने नाम है ,
महोब्बत में तो हर कोई उसे राधे के नाम से जानता है।।
बाते नही की दिल लुभाने वाली , दिल बहलाने वाली,
हाँ माना लाखों गोपियाँ थी उसकी दर्श की दीवानी,
खुद को ख़ोया है सिर्फ एक उसकी चाहत के लिए,
राधा के दिल की तड़प तो कान्हा ही पहचानता है,
प्रेम कहानी का सार है आधार है,
क्या है प्रेम ,करते कैसे है,
सही मायने प्यार के तेरे सिवा कौन जानता है,
क्या समझेगा जमाना ताकत मुहोब्बत की "चौहान", आज भी तेरे नाम से पहले नाम राधा का ही आता है।।

शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

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