निराश मत होना अब ये रास्ते अलग हो भी जाये तो,
उदास मत होना अब मंज़िलें कहीं खो भी जाये तो।।
ये चाँद सितारे सब उसकी रौशनी से रौशन है,
मुस्कुराते रहना ये जगमगाहट कहीं खो भी जाये तो।।
अब जब मिलो उस से तो बस उन लम्हों में जीना,
रोकना मत बहने से गर ख़ुशी में आँखे भर भी आये तो।।
वजूद ना मिटने देना रिश्तों का खुद को मिटा कर भी,
हँसकर क़बूल करना गर इश्क़ में मौत भी मिल जाये तो।।
तेरा अंदाज़ है जो तुझे हज़ारों में सबसे अलग करता है,
खुद को मत बदलना कभी हालात भी बदल जाये तो।।
तेरी सोच पढते है लोग "चौहान" तेरी कविताओं से होकर,
हकीकत ही लिखना जमाना बगावत पर भी उतर जाए तो।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

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