ये रिश्ते है दिल से है ये फ़र्ज़ी तो नही,
जमाने को जो दिखाए क्या वही सच्चा है।।
तू मेरे लिए क्या है मेरा रब जनता है,
ये बात तुझे लोग बताएँ क्या वही अच्छा है।।
इस दोस्ती का कोई पैमाना तो नही था,
चंद बातों से रिश्ते तोले जाएं कहाँ अच्छा है।।
इक रोज़ तो बता जब खुद से अलग किया हो तुझे,
मुहोब्बत निभाना या दिखना तू ही बता क्या अच्छा है।।
तू कोहिनूर है मेरा मैं खोने से डरता हूँ तुझे,
तुझे यूँ शरेआम लाना बता कहाँ तक अच्छा है।।
हाँ नही लिखता मैं कभी तुझे कलम से अपनी,
मिलकर बता सकता हूँ ,लिखकर बताना कहाँ अच्छा है।।
हाँ तेरी तस्वीरें दिखाता नही, लोगो को साथ अपने,
दिल की दीवारों से कच्ची दीवारों पर लाना कहाँ अच्छा है।।
तेरी जगह तेरी अहमियत हमेशा यही रहेगी,
यूँ हर किसी को साथ देख घबराना कहाँ अच्छा है।।
उसको लिखता हूँ "चौहान" जिसको मिल नही सकता,
मुझे बिना समझे तेरा मुझसे रुठ जाना कहाँ अच्छा है।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

......yr
ReplyDelete😊😊😊😊😊
ReplyDelete💓💓💓💓👌👌👌😍😍😍😍😍😘😘😘
ReplyDelete😍😍😍😍😍😍🤗🤗🤗🤗
DeleteSuperb Bhai 💓🥰😘
ReplyDeleteThanks 🤗🤗
Deleteतू मेरे लिए क्या है मेरा रब जनता है,
ReplyDeleteये बात तुझे लोग बताएँ क्या वही अच्छा है..Superb bro
Thanks 🤗🤗
DeleteAmazing lines 👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteThanks 🤗🤗
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