माना आज शिकायतें बहुत है तुम्हे मुझसे पर,
मैं वही हूँ जिसकी हर बात अच्छी लगती थी तुम्हे।।
माना आज अच्छा नही लगता तुम्हे साथ मेरा पर,
मैं वही हूँ जिससे मिलने की बेताबियाँ रहती थी तुम्हे।।
आज चिढ़ सी जाती हो तुम ज़रा से छूने से मेरे ,
मैं वही हूँ जिसकी बाहों में नीँद सुकून की आती थी तुम्हे।।
आज मेरे रूठने,चले जाने से कोई फर्क नही पड़ता तुम्हे,
पर मैं वही हूँ जिसकी दूरी पल पल रुलाती थी तुम्हे।।
आज मुहोब्बत में मिट्टी हुआ तो कैसी मुहोब्बत "चौहान",
मैं वही हूँ जो जिस्म में रूहानियत सी नज़र आती थी तुम्हे।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

Tu sayar to nahi 😁😂
ReplyDeleteNhi bilkul nhi 😋😋
DeleteLgta to hai 😁
ReplyDelete🤣🤣🤣🤣🤣🤣
DeleteNice lines👌👌💓
ReplyDeleteThanks bro 😍😍😍
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