Friday, 22 December 2017

" ABOUT ME "


रिश्ते  बनता नहीं वो,
जिनको निभाता नहीं ,
यारी में जान कुर्बान पर,
उम्मीद  किसी से मेरी अब ज़्यादा नहीं !!

स्वार्थी लोगों से रखने  लगा  हूँ दुरी  ,
ये ज़िंदगी एक शतरंज  ,
हारु या जीतूं  कोई गम नहीं ,
बनना हैं राजा  मुझे,
इस खेल का पियादा  नहीं !!

जंग है मेरी खुद से ,
रुकना मुझे आता नहीं,
पाना है  मंज़िल को ,
चाहे वो आज मिले या फिर कल,
कठिनाइयों से भागने  का मेरा कोई इरादा नहीं!!

ख़ामोशी का चोला हूँ ओढ़  के बैठा ,
जुबानों से ठगना , ठगना मुझे आता नहीं ,
"नाथ" तेरी लगन  मे मगन  हो गया ,
"चौहान" बुरा  किसी चाहता नहीं !!

अब तुझपर  है विश्वास  कर लिया,
घमंड  मुझे तेरे साथ का है,
और मुझे कुछ आता नहीं  !!

By : shubham singh Chauhan
Meri kalam - dil ki zubaa'n

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