अब चलो ठीक है जो भी हुआ रहने दो,
आँसू बहाने लाज़मी नही सबके रहने दो।।
कही ना कही गुनहगार हम भी है हालातों के,
मोमबत्तियां बुझी ही ठीक बुझी ही रहने दो।।
दो दिन की गर्मी है बस हालतों का ज़ोर है,
यूँ तैश में ना आओ नरमी ही रहने दो।।
हैवानियत इंसानियत की हदों से आगे है,
खुद को अब राम ना बनाओ रहने दो।।
जिस्म की भूख थी चलो बुझ गयी होगी,
यूँ ज़िंदा तो ना जलाओ चलो रहने दो।।
आज फिर एक बार ख़िलाफ़त में देश उतरा तो क्या,
ये झूठी हमदर्दी ना दिखाओ अब चलो रहने दो।।
होगा कश्मीर आज तुम्हारी सल्तनत में साहब,
इन हालतों पर भी एक नज़र लाओ चलो रहने दो।।
रात, कपड़े, जात, हालात किस का बहाना दोगे,
अगर यही है संस्कृति संस्कार तो चलो रहने दो।।
बहुत हुई बातें अब कुछ तो कानून बनाओ,
हवस की आग में यूँ न झुलसाओ, चलो रहने दो।।
एक नज़र भर देख ले "चौहान" अपने किरदार में,
यूँ लिख कर बातें ना समझाओ ,चलो रहने दो।।
कल भी यही थे देश मे हालात आज भी यही है ,
यूँ चौक पर इज्ज्ज़ते नीलाम ना करवाओ ,चलो रहने दो।।
गर हश्र यही होना है तो फिर खुद ही दफन कर दो,
यूँ किसी का खिलौना ना बनाओ चलो रहने दो।।
नासमझों की टोली में सब समझदार बने बैठे है,
खामोशी रख "चौहान" हमे ना समझाओ, चलो रहने दो।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

Nuce bhai
ReplyDeleteVery nice lines
ReplyDeleteThanks 😍😍😍
DeleteAwesome yr
ReplyDeleteThanks 😍😍
DeleteHmm we should think about it....but rehne do...
ReplyDeleteHmmm 😍😍😍
DeleteThanks 😍😍
ReplyDeleteSuperb lines bro
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