Thursday, 27 June 2019

"तेरी राह में" (TERI RAAH ME)


एक तेरी चाहत में लाखों ख़्वाब सजाये बैठे है,
तेरे इश्क़ में हम तो यूँ खुद को लुटाए बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।

रोग ना जाने कैसा है, जिसके दर्द में आराम है,
तेरे दिए ज़ख़्मो को हम, नासूर बनाये बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।


चाँद तारे ला ना सका, मुहोब्बत में ताज बना ना सका,
हम तो तेरी रातें देख जुगनुओं से सजाये बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।


उम्र भर का इंतज़ार करके ,खुद को यूँ बेज़ार करके,
तेरे इश्क़ में दामन अपना अश्क़ों से भिगाये बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।

चाँद, सितारें ,फूल ,शबनम ,सबसे तू अनमोल है,
ना जाने रंग कैसे कैसे क़ुदरत तुझपर बरसाये बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।

समेट के रख लूँ आज तुझको इन किताबों में,
इसी उम्मीद में तुझपर कितनी नज़्म बनाये बैठे है,
तू आये या ना आये , हम तो तेरी राहों में,
पलकों को बिछाए बैठे है।।


शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

9 comments:

  1. Kaga sb tan khaiyo mora chun chun khaio maas,
    Ye do naina mat khaiyo jisme piya milan k aas....

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  2. Preet kre to aisi kre jaise kre kapaas ,
    Jiye to tan dhaanke tera mare to jaaye sath..

    😍😍😍😍

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  3. Nice bro❤️❤️❤️❤️❤️❤️👌

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  4. मोहब्बत जो दिल है बसी, उसे पलकों की जरूरत नहीं

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