Friday, 3 November 2017

"रंग" (RANG)


रंग ख्यालों के है तो रंग है जज़्बात के,
रंग तेरी उल्फ़तों के रंग मेरे हालात के,
रंग तेरे इश्क़ में गुज़रे दिन रात के ,
रंग बदले नहीं आज भी वो शाम की मुलाकात के...
रंग तारों भरी तन्हा रात के ,
रंग आँखों से कही उन बात के ,
रंग अपनी कहानी की शुरुआत के ,
रंग बदले नहीं तेरे इश्क़ की सौगात के....
रंग आँखों में छिपे समुन्दर के ,
रंग दिलों में उठते बवंडर के,
रंग तेरे इश्क़ से पाक उस मंदिर के,
रंग बदले नहीं तेरे मेरे मुक्क़दर के ...
रंग मेरे गीतों में तेरे दिल की आवाज़ के,
रंग जज़्बात बयां करते उस साज़ के,
रंग तेरे इश्क़ के आसमा में उड़ते हुए परवाज़ के ,
रंग बदले नहीं "चौहान" तेरे इश्क़ के अंदाज़ के .....

शुभम सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की जुबां

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