अब रो लेने दे जी भर के तेरे सीने से लग के,
कल जब कहीं मिले तो फिर बस बात होंगी।।
आज वक़्त भी अपने साथ है भले दो पल का है,
कल कहीं मिले तो मज़बूरियां भी साथ होंगी।।
बस जहन में होंगे वो इश्क़-ए-लम्हात अतीत बनकर,
कल तो बस इन आँखो से जमकर बरसात होंगी।।
एक ख़्वाब टूट गया तो एक मुक्कमल भी हुआ है,
हाँ सच अब भी रात भर तन्हाइयों से बात होंगीं।।
एक कमी रही मुझमें की तुझे एहसास ना करा सका,
ख़ैर तुझे भी तो मेरे जैसी मुहोब्बत किसी के साथ होगी।।
अब तो कुछ लिखने को भी ना रहा ज़िंदगी मे "चौहान",
इश्क़ कब्र तक ले आया आज मिट्टी की मिट्टी से मुलाकात होगी।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

🔥🔥🔥🔥🔥
ReplyDeleteThanks 😍😍
DeleteFabulous Bhai .. this is so �� touching अब रो लेने दे जी भर के तेरे सीने से लग के,
ReplyDeleteकल जब कहीं मिले तो फिर बस बात होंगी।।
Thanks 😍😍
DeleteWah kya bat
ReplyDeleteThanks 😍😍
DeleteNice lines👌👌
ReplyDeleteThanks bro 😍😍
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