Thursday, 15 November 2018

"आजा ना यार लौट के" (AAJA NAA YAAR LAUT KE)


ONLY FOR MY BRO VIKAS SINGHMAR,
I CAN'T FORGET U ..MISS U ALOT BRO..
LOVE U FOREVER..FIRSF  TIME AISA LGA RGA HAI KE KUCH BCHA HI NHI .EK BAAR BOLTE HI AATA THA MILNE AAJ BHI AAJA NAA YAAR PLZ .BHUT ZARURT HAI TERI. LOVE U FOREVER.😭😭 REST IN PEACE.

आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा,
आजा ना यार लौट के,
मेरे हालात ठीक नही है,
दोस्ती नही निभानी मत निभा,
पर तेरा यूँ छोड़ जाना ठीक नही है,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।

देख ना मैं घर किससे मिलने आऊँगा,
देख ना बातों से अपनी किसको पकाउंगा,
तूने किये वो वादे सच्चे नही है,
दोस्त लाखों है पर तुझसे पक्के नही है,
हाल-ए-दिल अब किसको बताऊंगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


देख ना सब तुझ बिन सुनसान नज़र आता है,
जहाँ बातें करते थे वो पार्क शमशान नज़र आता है,
क्या सही क्या गलत मुझे कौन बताएगा,
मेरी हँसी में छिपी उदासी कौन ढूंढ पायेगा,
अपने सपने अब मैं किसको सुनाऊँगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


बड़ा इंतज़ार बड़ी खुशी थी तुझे शादी की मेरी,
अब बता ना वो जश्न कौन मनाएगा,
कौन होगा खड़ा मेरे अच्छे बुरे वक्त में बिना सोचे,
कौन होगा तो मेरी एक आवाज़ पर मिलने चला आएगा,
बता ना बिना बहानेे गले किसे लगाऊंगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


अभी तो बहुत सारे हमारे ख़्वाब बाकी थे,
तुझे बताने थे जो कुछ राज़ बाकी थे,
साले मेरे साथ अब हिसार कौन जाएगा,
जयपुर जाने का वादा था वो कौन निभाएगा,
वो पूछेगी तेरे बारे में तो क्या बताऊंगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


कोई गिला शिक़वा था तो मुझे बोल देता,
कोई गलती कर दी थी आके मार लेता,
धोखेबाज निकला तू तो चुपचाप पीछा छुड़ा गया,
कैसे भुलाऊँ तुझे ये तो बता जाता,
किस्से दोस्तों के मैं किसको सुनाऊंगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


देख ना "चौहान" कविता किसको सुनाएगा,
मैं जीतूँगा एक दिन ये हौसला कौन दिलाएगा,
अभी तो पूरी उम्र बाकी है ना यार,
गर रूठा तुझसे तो कौन मनायेगा,
देख ना भाई कहकर किसको बुलाऊँगा,
आजा ना यार लौट के ,
देख तुझबिन मैं भी मर जाऊँगा।।


शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

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