फिर तुम कब मिलने आओगे,
कब बहारों को संग लाओगे।।
ये चहरे की उदासी छोड़ कर,
फिर कब दिल से मुस्कुराओगे।।
कब तक रहोगे यूँ गुमसुम,
हाल-ए-दिल फिर कब सुनाओगे।।
दिल की ज़मी एक अरसे से बंजर है,
बारिश इश्क़ की कब बरसाओगे।।
मैंने तो सजा ली हाथों पर मेहंदी,
मेरे नाम की मेहंदी तुम कब लगाओगे।।
आज जा तो रहे हो छोड़ कर,
वादा करो तुम फिर लौट आओगे।।
मैं तुम्हारी खामोशी भी जानता हूँ,
तुम मेरी आवाज कब सुन पाओगे।।
मैं हर नज़र में देखता हूँ तुम्हें,
तुम कब मुझे नज़रो में बसाओगे।।
मैं एक गीत लिखकर जा रहा हूँ,
तुम कब अपने होंठों से गुनगुनाओगे।।
जमाने ने शायर बना दिया तेरे "चौहान" को,
तुम कब मेरी नज़्मों में रूह डालने आओगे।।
एक किताब लिखकर जा रहा हूँ तेरे ख़ातिर,
पढ़ोगे या उसे भी सीने से लगाकर सो जाओगे।।
शुभम सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।
कब बहारों को संग लाओगे।।
ये चहरे की उदासी छोड़ कर,
फिर कब दिल से मुस्कुराओगे।।
कब तक रहोगे यूँ गुमसुम,
हाल-ए-दिल फिर कब सुनाओगे।।
दिल की ज़मी एक अरसे से बंजर है,
बारिश इश्क़ की कब बरसाओगे।।
मैंने तो सजा ली हाथों पर मेहंदी,
मेरे नाम की मेहंदी तुम कब लगाओगे।।
आज जा तो रहे हो छोड़ कर,
वादा करो तुम फिर लौट आओगे।।
मैं तुम्हारी खामोशी भी जानता हूँ,
तुम मेरी आवाज कब सुन पाओगे।।
मैं हर नज़र में देखता हूँ तुम्हें,
तुम कब मुझे नज़रो में बसाओगे।।
मैं एक गीत लिखकर जा रहा हूँ,
तुम कब अपने होंठों से गुनगुनाओगे।।
जमाने ने शायर बना दिया तेरे "चौहान" को,
तुम कब मेरी नज़्मों में रूह डालने आओगे।।
एक किताब लिखकर जा रहा हूँ तेरे ख़ातिर,
पढ़ोगे या उसे भी सीने से लगाकर सो जाओगे।।
शुभम सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

Nice 👍
ReplyDeleteThanks 😊😊
DeleteNice one bro ☺️☺️
ReplyDeleteThanks
DeleteWah ji...👌👌💯isee bi aacha likh skte ho aap😍😍🤩
ReplyDeleteJi I'll try my best 🙏🙏
DeleteSo beautiful 👌
ReplyDeleteThanks bro 😊😊
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