क्या हालात है तुझे कैसे समझा पाऊँगा,
सब सच कहा रहा हूँ तुझे कैसे यकीन दिलाऊँगा।।
आँसू नही देख सकता एक भी आँखो में तेरी,
तू बता ना फिर क्यों तुझे में जान बूझकर रुलाऊँगा।।
मत सोच के तुझे कभी धोखा दूँगा मैं,
धोखा तो दे दूंगा पर खुद से नज़र कैसे मिलाऊँगा।।
मुहोब्बत में बहुत साल बीत गए है तेरे साथ,
अब एक पल में कैसे किसी और का हो जाऊँगा।।
हाँ नही लिखता तेरे बारे में कलम से अपनी,
ये कहानी अपनी है जमाने को क्यों बताऊँगा।।
इतना आसान नही है बोलना जो तू सोच बैठी है,
के किसी के हुस्न पर मर के तुझसे अलग हो जाऊँगा।।
ये वक़्त की साज़िश है कि आज़मा रहा है मुझे,
तुने समझ लिया मैं तुझे पलभर में अलग हो जाऊँगा।।
समझा नही सकता के तू मेरे लिए क्या है ,
तुझबिन मैं मशानो का जरूर हो जाऊँगा।।
फिर बस यादें ही रह जाएंगी रिश्तों की अपनी,
"चौहान"अब गया तो कभी लौट के ना आ पाऊँगा।।
शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।

🙄🙄🙄
ReplyDeleteWao ,
ReplyDeleteNice lines bro
Thanks bro 😘😘😘
DeleteEk dam tiptop brother ❤️
ReplyDeleteThanks brother 😘😘😘😘
DeleteHm nhi sochenge....��������
ReplyDelete🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣
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