Friday, 2 April 2021

"अब कर ही लीजिए" (AB KAR HI LIJIYE)


अब कर लीजिए,
हाल अपना भी मेरे जैसा,
ये तन्हाई भरा आलम,
दिन-रात एक जैसा,
अब कर लीजिए।।

अब तुम भी उसी जगह हो,
जहाँ कल हम हुआ करते थे,
तू भी मर जाना किसी के लिए,
जैसे तुमपर हम मरा करते थे,
इश्क़ हमारे जैसा ही तुम गैरों से,
अब कर ही लीजिए।।
हाल अपना भी मेरे जैसा,
अब कर ही लीजिए।।

बात कसमें वादों की,
इन अटूट रिश्ते नातो की,
इश्क़ में मुलाकातों की,
कुछ ख़्याल और जज़्बातों की,
जो इश्क़ में दी सौगातों की,
अब कर ही लीजिए,
हमारा क्या पता हमें,
कब तलक ज़िंदा है,
बन के गैरों के हमसफ़र,
ये जिंदगी मुक्कमल "चौहान"
अब कर ही लीजिए।।

शुभम् सिंह चौहान
मेरी कलम - दिल की ज़ुबाँ।।


 

6 comments:

  1. अब तुम भी उसी जगह हो,
    जहाँ कल हम हुआ करते थे,
    तू भी मर जाना किसी के लिए,
    जैसे तुमपर हम मरा करते थे,
    इश्क़ हमारे जैसा ही तुम गैरों से,
    अब कर ही लीजिए।।
    हाल अपना भी मेरे जैसा,
    अब कर ही लीजि

    Too nice lines ❤️

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